सनातन संस्कार की पाठशाला में।आत्मनिर्भरता और संस्कारों का संगम, नवाचार की साइकिल बाइक बनी आकर्षण का केंद्र ।।

JHABUA ABHITAK

अमित शर्मा (झाबुआ अभी तक)
झाबुआ। सामाजिक महासंघ झाबुआ द्वारा आयोजित सनातन संस्कार पाठशाला एवं बाल मेले के चौथे दिन आत्मनिर्भरता, संस्कार, भक्ति और ज्ञान का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में आत्मनिर्भर भारत के राष्ट्रीय संयोजक ओम शर्मा ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत को पुनः "सोने की चिड़िया" बनाने के लिए प्रत्येक नागरिक को आत्मनिर्भर बनना होगा। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे नवाचार और स्वदेशी उद्योग ही देश को आर्थिक महाशक्ति बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण शारदा समूह के बच्चों द्वारा तैयार की गई साइकिल बाइक रही। रूद्र पवार, नैतिक सोनी, अविरल टवली और आमोद भारद्वाज द्वारा निर्मित इस नवाचार को देखकर बच्चे आश्चर्यचकित रह गए। तकनीकी सलाहकार पवनेन्द्र सिंह सिसोदिया ने बताया कि कम लागत में साइकिल को बाइक का स्वरूप देकर उसे पहाड़ी एवं घाटी क्षेत्रों में उपयोगी बनाया जा सकता है।
भक्ति गीतों पर झूमे बच्चे और अभिभावक

राष्ट्रीय स्त्री संगठन की संयोजक किरण शर्मा ने राधा-कृष्ण भक्ति से ओतप्रोत मधुर भजनों की प्रस्तुति दी, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। भजनों पर बच्चे और अभिभावक भाव-विभोर होकर नृत्य करने लगे।

पूर्व प्राचार्य एम.एस. खुराना ने युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बच्चों को कम उम्र में बड़े लक्ष्य हासिल करने की प्रेरणा दी।

देसी खेलों से दूर होगी मोबाइल की लत

पूर्व प्राचार्य एवं व्याख्याता रविंद्र सिंह सिसोदिया ने परंपरागत खेलों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रस्सीकूद, गिल्ली-डंडा, कंचे, सतोलिया, पतंगबाजी और पकड़म-पकड़ाई जैसे खेल बच्चों को मोबाइल और सोशल मीडिया की लत से दूर रख सकते हैं तथा स्वस्थ जीवन की ओर प्रेरित करते हैं।

इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी जयंती दीदी, राधेश्याम परमार, दादू भाई एवं विनोद जायसवाल ने भी धार्मिक, नैतिक एवं आध्यात्मिक विषयों पर मार्गदर्शन दिया। बच्चों से रामायण, श्रीमद्भागवत गीता एवं धार्मिक ज्ञान से जुड़े प्रश्न पूछे गए, जिनके उन्होंने उत्साहपूर्वक उत्तर दिए।

सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में छाए झाबुआ से जुड़े सवाल

सामाजिक महासंघ अध्यक्ष नीरज सिंह राठौर ने झाबुआ जिले के इतिहास, संस्कृति और प्रमुख स्थलों से जुड़े रोचक प्रश्न बच्चों के सामने रखे। बच्चों और अभिभावकों ने उत्साह के साथ जवाब दिए। कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ से हुई, जबकि समापन जन-गण-मन के सामूहिक गायन और अल्पाहार के साथ हुआ। इसके बाद बच्चों ने झूले, चकरी, जंपिंग झूला और मिकी माउस जैसी मनोरंजक गतिविधियों का भरपूर आनंद लिया।

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