अमित शर्मा (झाबुआ अभी तक)
झाबुआ, 12 जून। जिले में आयोजित जनकल्याण शिविरों का शुक्रवार को डा योगेश तुकाराम भरसट ने निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने पिटोल बड़ी, कुंदनपुर, रजला, ढेकलबड़ी एवं करड़ावद बड़ी में लगाए गए विभिन्न विभागों के स्टॉलों का अवलोकन किया तथा हितग्राहियों से चर्चा कर उन्हें मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान कुंदनपुर, रजला एवं ढेकलबड़ी शिविरों में व्यवस्थाओं में कमी पाए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने अनुपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि जनकल्याण शिविर शासन की प्राथमिकता का कार्यक्रम है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्टर ने बताया कि 12 से 18 जून तक जिलेभर में आयोजित इन शिविरों के माध्यम से 23 विभागों की 110 योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ आमजन को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है। शिविरों का उद्देश्य पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना तथा विभिन्न समस्याओं का त्वरित निराकरण करना है।
पिटोल बड़ी शिविर में उन्होंने आयुष्मान कार्ड, समग्र आईडी एवं संबल योजना से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। वहीं किसानों से संवाद करते हुए उर्वरक वितरण की ई-टोकन व्यवस्था की जानकारी दी और कहा कि जिले में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है तथा किसानों को आवश्यकता अनुसार खाद प्रदान की जाएगी।
रजला एवं करड़ावद बड़ी शिविरों में कलेक्टर ने हितग्राहियों, विशेषकर महिला लाभार्थियों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जनकल्याण शिविरों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया ताकि अधिक से अधिक पात्र लोग योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।
कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविरों में प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध निराकरण किया जाए तथा प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ पहुंचाया जाए।

