अमित शर्मा ( झाबुआ अभीतक)
झाबुआ
म प्र शिक्षक भोपाल द्वारा आयोजित शिक्षक गुणवत्ता सम्मेलन व मुख्यमंत्री अभिनंदन समारोह मे
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सरस्वती पूजन व दीप प्रज्जवलन कर सम्मेलन का शुभारंभ किया।डॉ. यादव मोहन यादव ने उज्जैन मे स्वयं को भौतिक शास्त्र का अध्यापन कराने वाली सेवानिवृत्त व्याख्याता श्रीमती कोकिला सेन का अभिनंदन कर आशीर्वाद लिया साथ ही अन्य चार शिक्षक बद्री प्रसाद तिवारी, बृजमोहन आचार्य, देवकृष्ण व्यास, किशनलाल नाकड़ा को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को सुभाष स्कूल में मध्यप्रदेश शिक्षक संघ की विकास यात्रा पर केन्द्रित प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने उद्बोधन मे कहा कि वे मन के भावों से शिक्षा पद्धति और शिक्षकों से जुड़े हुए हैं। यह सम्मेलन भाव विभोर कर देने वाला है। एक शिक्षक हमारे अंदर विद्यमान प्रतिभाओं को निखारने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व में अपनी एक नई पहचान बना रहा है। हर युग में गुरु और शिक्षकों ने अपने शिष्यों के माध्यम से ही समाज को उसके सभी प्रश्नों/समस्याओं के उत्तर दिलवाए हैं।
उन्होंने कहा कि हर काल में मध्यप्रदेश की धरती सौभाग्यशाली रही है। हमारा संबंध भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण से भी जुड़ता है। झाबुआ से निकलकर एक बालक चंद्रशेखर आजाद बनता है। मध्यप्रदेश की धरती पर सम्राट विक्रमादित्य और राजा भोज ने शासन किया। हर काल में युवाओं ने अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन में बड़ी-बड़ी भूमिकाएं अदा की हैं।
विकसित भारत का लक्ष्य पाने में प्रदेश की भूमिका महत्वपूर्ण सरकार का एक अर्थ 'सहकार' भी होता है। यह परस्पर सामंजस्य से ही संभव है। सरकार के लक्ष्य उच्चतम होने चाहिए। उसके समाज के सभी प्रश्नों और समस्याओं के समाधान की मंशा और ऐसा सामर्थ्य भी होना चाहिए। चुनी हुई सरकार हर वर्ग के कल्याण का ध्यान रखती है। विकसित भारत का लक्ष्य पाने में मध्यप्रदेश अपनी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। देश के प्रधानमंत्री, राज्य के मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री भी शासकीय विद्यालयों से ही पढ़कर यहां तक पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के 22 हजार से अधिक शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण बड़ी सरलता से हुआ है।
कुलपति को कुलगुरू का दिया नई शिक्षा नीति को सफलतापूर्वक लागू करने में मध्यप्रदेश देश के पांच राज्यों में से एक है। मध्यप्रदेश भारत के सबसे कम बेरोजगारी दर वाले तीन राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भव्य सांदीपनि विद्यालय बन रहे हैं। हमारी सरकार ने शिक्षकों को महंगाई भत्ते का भी लाभ दिया है। करीब डेढ़ लाख शिक्षक इससे लाभान्वित हुए हैं।हमारी सरकार गुरूजनों के सम्मान में कोई कसर नहीं छोड़ रही है ओर नही शिक्षको को अनावश्यक अपमानित होने देगी।
स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग ने नए आयाम स्थापित किए हैं। राज्य सरकार शिक्षकों को अनेक सौगातें दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के गांवों के साथ शहरों के विकास को गति प्रदान की है। वे प्रदेश के गरीब और किसानों की चिंता करते हैं। स्कूल के भवनों के नव निर्माण के साथ बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है नए विद्यार्थियों की नामांकन दर में भी वृद्धि हो रही है। प्रदेश में सरकार के कामों को मान्यता मिल रही है, तो उसमें सबसे बड़ा योगदान शिक्षकों का ही है।
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने बताया कि प्रदेश में पहली बार सभी पात्र शिक्षकों को चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान का लाभ देने के लिए 322 करोड़ रुपए की एकमुश्त राशि मंजूर की गई। यह एक इतिहास है। हमने स्कूल शिक्षा में वर्षों से आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए समय-सीमा तय की है। स्कूलों में सभी जरूरी सुविधाओं के लिए हमने एकमुश्त राशि आवंटित की है। पिछली कैबिनेट मीटिंग में ही प्रदेश को 200 नये सांदीपनि विद्यालयों की सौगात मिली है। देश में नई शिक्षा नीति लागू की गई है। राज्य सरकार इस नीति के पालन के लिए व्यवस्थाओं में कोई कसर नहीं रख रही है। शिक्षा नीति के समुचित क्रियान्वयन की जिम्मेदारी शिक्षकों की ही है।मुख्यमंत्री ने म प्र शिक्षक संघ के कार्यो की प्रशंसा भी करी।
अखिल भारतीय शिक्षक संघ के संगठन मंत्री श्री महेन्द्र कपूर ने कहा कि राष्ट्र के हित में शिक्षक बच्चों के रूप में भविष्य गढ़ते हैं। हमारा विद्यालय, हमारा स्वाभिमान अभियान से संगठन के 14 लाख से अधिक शिक्षक नई शिक्षा नीति के अनुसार अध्यापन कार्य कर रहे हैं। शिक्षक के लिए कोई अमीर, कोई गरीब नहीं होता है, वे सभी विद्यार्थियों को एक समान दृष्टि से देखते हैं। राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित शिक्षक वेतन-भत्तों के लिए काम नहीं करता है, बल्कि बच्चों को पढ़ाने के साथ समाज में मौजूद समस्याओं का समाधान भी देता है।
म.प्र. शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. क्षत्रवीर सिंह राठौर ने मुख्यमंत्री के अभिनंदन पत्र का वाचन किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रोजगारोन्मुखी और नवाचारी शिक्षा प्रणाली के प्रसार के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उत्कृष्ट कार्य किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के डेढ़ लाख से अधिक शिक्षकों को चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान देकर मान-सम्मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि सेवा कार्यों केलिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कई पुरस्कार मिले हैं।
मुख्यमंत्री जी से नवीन संवर्ग को प्रथम नियुक्ति दिनांक से नियुक्ति मानकर वरिष्ठता प्रदान करने का निवेदन किया।
कार्यक्रम मे चार हजार से अधिक शिक्षको ने सहभागिता करी झाबुआ जिले से संभागीय अध्यक्ष अनिल कोठारी राजेन्द्र पंचाल के नेतृत्व मे 150 से अधिक शिक्षको ने सहभागिता करी जिसमें दशमसिंह चौहान, प्रकाश माली, शंकर सिंह हिहोर, महेश परमार, तिलक जैन, बच्चूसिंह सिगार, कलसिंह डावर, वीरसिंह भूरिया, केरमसिंह जमरा, कांतिलाल भूरिया, गुलसिंह भूरिया, रमेश ख़पेड़, रामलाल भूरा मगनसिंह वास्केल, जितेंद्रसिंह राठौर, हिम्मतसिंह भाभोर, प्रेमसिंह चौहान, जगन्नाथ डावर, नानसिंह हटीला, मानसिंह बामनिया, प्रताप सिंह अजनार, किशनलाल बघेल,
खुशालसिंह चौहान, एल सी पाटीदार, राजेंद्र कुमार पाटीदार, मो. हनीफ मंसूरी, दयानन्द बैरागी, कोमलसिंह परमार, देवेन्द्रसिंह चौहान, देवेन्द्रसिंह गोड़, मोतीलाल मुनिया, दयाशंकर शर्मा, भरतलाल पाटीदार, शंकरलाल राठौर, अमर सिंह मुनिया, होकमसिंह गामड
संजय धानक, सुभाष डामर, अजीत भाबर, विपिन बामनिया, रवि शंकर श्रीवास्तव, द्वितीया निनामा, क्रिस्टोफर खड़िया, सुरेश वर्मा , धारजी भूरिया, कच्चुसिंग डामोर, प्रकाश डामोर, किशोर भाबर, गेंदल डामोर, सोहनलाल परमार, कल्ला अड,
मंगलसिंह पणदा, खुशाल देवल, रामसिंह डामोर, मथियास रावत, बाबूसिंह हिहोर, हेमसिंह भूरिया, मकनसिंह खपेड़, चैनसिंह वाघेला, रामलाल बारिया, वालिया गोयल, हीरालाल चौहान, जीतमल खड़िया, प्रकाश खोकर, कुवरसिंह सिंगाड़िया, चेनिया बामनिया, बाबूसिंह मेड़ा, मसुल भूरिया, पारू अमलियार, ललीत कटारा,अमरसिंह नायक,नैनासिंह नायक, तकेसिंह नायक, यशवंत नायक, कांतिलाल मंसारे,निलेश कटारा, जवरसिंह खराड़ी,भगवानसिंह खपेड़,
विजय जैन,दीपसिह सिगाड़,सवसिह ढाकिया, रेमसिह डामोर, योगेन्द्र दीक्षित,नीतिन मकवाना, मानसिह बामनिया, मोहन राठौड़ दीपक टेलर,सुन्दर सिह हरवाल ,मनिष पंवार,नरेन्द्र कुन्डल,भारतसिह राठौड़, शंकरसिह देवल,रामेश्वर हरसोला,पंकज पोरवाल,प्रकाश माली,ने उपस्थित होकर कार्यक्रम की सराहना करी। उक्त जानकारी अनिल कोठारी संभागीय अध्यक्ष द्वारा हमारे प्रतिनिधि को दी गई।

