अमित शर्मा झाबुआ अभी तक
झाबुआ,=झाबुआ में आयोजित मेले के दौरान हुए हादसे में बच्चों के घायल होने की सूचना मिलते ही कलेक्टर नेहा मीना ने मानवीय संवेदनशीलता और प्रशासनिक तत्परता का परिचय देते हुए बिना विलंब जिला चिकित्सालय पहुंचकर घायल बच्चों का हाल-चाल जाना। कलेक्टर ने स्वयं वार्ड में जाकर बच्चों से बातचीत की, परिजनों को ढांढस बंधाया और बच्चों का मनोबल बढ़ाया।
कलेक्टर की इस त्वरित पहल की अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों ने सराहना की और इसे एक जिम्मेदार व संवेदनशील प्रशासन का उदाहरण बताया।
कलेक्टर ने चिकित्सकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बच्चों के उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा सभी घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.एस. बघेल को व्यक्तिगत रूप से उपचार की सतत निगरानी करने और आवश्यक चिकित्सा व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी किए। जांच दल में अपर कलेक्टर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग, कार्यपालन यंत्री मध्यप्रदेश विद्युत मंडल एवं परियोजना अधिकारी शहरी विकास अभिकरण को शामिल किया गया है।
जांच दल घटना के कारणों की विस्तृत जांच कर शीघ्र प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगा। कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस हादसे में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
सीएमएचओ डॉ. बी.एस. बघेल ने जानकारी दी कि सांदीपनि विद्यालय के कुल 14 छात्र-छात्राएं, जिनमें 13 छात्राएं एवं 1 छात्र शामिल हैं, जिला अस्पताल में उपचाररत हैं। सभी बच्चों की स्थिति स्थिर है और उनके वाइटल्स सामान्य हैं। बच्चों के अभिभावकों को लगातार जानकारी दी जा रही है।
कलेक्टर ने कहा कि वर्तमान में जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता घायल बच्चों का बेहतर, सुरक्षित और शीघ्र उपचार है, और इस दिशा में हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।

