अमित शर्मा (झाबुआ अभी तक)
दौलत गोलानी (जिला सवाद दाता)
झाबुआ। शहर के लक्ष्मीनगर स्थित अंबा रिसोर्ट पर श्री संकट मोचन सेवा समिति हनुमान टेकरी एवं श्री कष्टभंजनेदव भक्त मंडल द्वारा तीन दिवसीय जिला स्तरीय श्री हनुमान चरित्र कथा का आयोजन 27 से 29 अक्टूबर तक प्रतिदिन रात 8 से 11 बजे तक किया जाएगा। कथा वाचक श्री कष्टभंजनदेव तीर्थ सालंगपुर धाम के सुप्रसिद्ध संत, शास्त्री एवं वक्ता हरिप्रकाशदास स्वामी एवं अन्य संतगण कथा आयोजन को लेकर 27 अक्टूबर, सोमवार दोपहर करीब 12.30 बजे झाबुआ पहुंचे। जिनका आयोजन समिति की ओर से आत्मीय अभिनंदन किया गया। आयोजन समिति द्वारा दोपहर में शहर में भव्य शोभा एवं पौथी यात्रा निकाली गई। जिसका जगह-जगह विभिन्न समाजजनों एवं संस्थाओं द्वारा भावभरा स्वागत-सत्कार किया गया।
कथा वाचक हरिप्रकाशदास स्वामी (अथाणावाला) गुजरात के साथ संत श्री किर्तन स्वामीजी, तीर्थ स्वरूप स्वामीजी, नीलकंठ भगत, सरजू भगत आदि गुजरात से होते हुए फुलमाल पर दोपहर करीब 12.30 बजे पहुंचे। जहां श्री संकट मोचन सेवा समिति एवं श्री कष्टभंजनदेव भक्त मंडल के सदस्यों ने स्वामीजी की आगवानी की। यहां से चार वाहनों से होते हुए करड़ावद बड़ी स्थित श्री प्राणरक्षक हनुमान मंदिर पर स्वामी हरिप्रकाश स्वामी एवं अन्य संतों ने दर्शन-वंदन किया। दोपहर करीब 1 बजे अंबा रिसोर्ट पहुंचने पर यहां आदिवासी नृत्य के साथ जोरदार स्वागत करते हुए कथा स्थल परिसर में हरिप्रकाशदास स्वामी एवं अन्य संतगणों ने भगवान श्रीराम के ध्वज का पूजन कर वंदन (ध्वज फहाराया) किया। बाद स्वामीजी के दर्शन हेतु जिलेभर से कथा स्थल अंबा रिसोर्ट पर भक्तों की भीड़ देखने को मिली। हरिप्रकाशदास स्वामीजी द्वारा इस दौरान आयोजन समिति के सभी सदस्यों के भोजन की व्यवस्था के लाभार्थी राकेश झरबड़े एवं दिनेश चौहान का पुष्पमाला पहनाकर स्वागत कर आर्शीवाद प्रदान किया।
भव्य शोभायात्रा एवं पौथी यात्रा निकाली गई
दोपहर 2.30 बजे दिलीप क्लब प्रांगण में कथा के मुख्य यजमान गजानंद पुरोहित परिवार ने हनुमानजी महाराज की विधि-विधान से पूजन का लाभ लिया। बाद दोपहर 3 बजे यहां से भव्य शोभायात्रा एवं पौथी यात्रा आरंभ हुई। जिसमें आगे तीन दिवसीय श्री हनुमान चरित्र कथा का प्रचार रथ चलने के साथ बैंड-बाजों पर धार्मिक भजनों एवं गीतों की प्रस्तुति दी गई। ढोल-ताशों से पूरा शहर गूंजायमान हुआ। उज्जैन का कड़ाबीन प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहा। शोभायात्रा की मुख्य यजमान किन्नर समाज प्रमुख रानी बहन के नेतृत्व में अन्य सभी बहनों ने पूरे यात्रा में जगह-जगह नृत्य किया। आलीराजपुर से आए आदिवासी भगोरिया नृतक दल ने अपनी प्रस्तुति से समां बांधा। शोभयात्रा में बालिकाएं सिर पर कलश लेकर शामिल हुई वहीं मातृ शक्तियों एक जैसे ड्रेस कोड लाल वस्त्रों मंे सम्मिलित हुई।
वहीं पुरूष वर्ग भगवान श्रीराम के दुपट्टे के साथ सफेद कुर्ता-पजामा में शामिल हुए। सभी ने उत्साहपूर्वक भगवान श्रीराम एवं श्री कष्टभंजन के जमकर जयघोष लगाए। महिलाओं और युवाओं ने प्रमुख स्थानों और चौराहों पर नृत्य किया। चल समारोह में कथा की पौथी लेकर कथा के मुख्य यजमान गजानंद पुरोहित परिवार शामिल हुआ। तीन बग्गियों में पहली बग्घी में स्वामी हरिप्रकाशदासजी विराजमान रहे। दूसरी बग्घी में श्री कष्टभंजनदेव की तस्वीर लेकर सुशीलसिंह सिसौदिया एवं शुभम राठौर चले। तीसरी बग्गी में गुजरात से पधारे अन्य संत विराजमान रहे। सभी पर चमकीली पन्नीयों से बौछार की गई।
इन मार्गों से निकली यात्रा
यात्रा दिलीप क्लब प्रांगण से शुरू होकर जिला चिकित्सालय मार्ग, बस स्टैंड चौराहा, मेन बाजार, थांदला गेट, बाबेल चौराहा, आजाद चौक, श्री गौवर्धननाथ मंदिर तिराहा होते हुए राजवाड़ा पर देर शाम 6 बजे समापन हुआ। शोभायात्रा का जिला चिकित्सालय मार्ग पर कैथोलिक मिशन स्कूल परिवार एवं पद्मवंशीय मेवाड़ा राठौड़ तेली समाज, बस स्टैंड चौराहे पर वरिष्ठ नागरिक पेंशनर्स एसोसिएशन, श्री चिंतामण गणेण मंदिर पर श्री चिंतागण गणेश मंदिर सेवा समिति, थांदला गेट पर प्रोगेसिव पेंशनर्स एसोसिएशन, नेहरू मार्ग पर सर्व ब्रह्मण समाज एवम परशुराम सेना ,राजवाड़ा पर श्री राधाकृष्ण सरकार मंदिर समिति एवं बैरागी समाज सहित अन्य समाज एवं अन्य संस्थाआंे तथा हनुमान भक्तों ने यात्रा का जोरदार स्वागत किया। शाम 6.30 बजे हरिप्रकाशदास स्वामीजी एवं अन्य संतगण श्री संकट मोचन हनुमान टेकरी पहुंचे। यहां श्री संकट मोचन हनुमानजी महाराज के दर्शन कर मंदिर का अवलोकन किया।

