अमित शर्मा ( झाबुआ अभी तक)
झाबुआ =वर्ष 2025 का अंतिम मंगलवार 30 दिसंबर, झाबुआ के धार्मिक इतिहास में एक नया अध्याय संजो गया। जब झाबुआ का ऐतिहासिक राजवाड़ा चौक भक्त शिरोमणि बाबा हनुमान जी महाराज के आराधको से पूरी तरह भरा होकर उनकी भक्ति में डूबा नजर आया। अवसर था श्री हनुमान चालीसा पाठ समिति झाबुआ द्वारा सामूहिक 1008 हनुमान चालीसा पाठ का आह्वान।
बाबा हनुमान जी के भक्तों का आयोजन स्थल राजवाड़ा चौक पर आने का क्रम निर्धारित समय से पूर्व शुरू होने के साथ तय समय पर बैठक व्यवस्था पूरी तरह भर गई थी। यहाँ सर्वप्रथम अतिथियों द्वारा बाबा कष्टभंजन देव के समक्ष दीप प्रज्वलित कर आयोजन की विधिवत शुरुआत की गई।
आयोजन का उद्देश्य बताते हुए श्री हनुमान चालीसा पाठ समिति के शुभम राठौर ने बताया रामकृपा से वर्ष 2022 के प्रथम मंगलवार से श्री हनुमान चालीसा पाठ का आरम्भ किया गया था।
धर्म जागरण के प्रयास के तहत बीते चार वर्षों में झाबुआ के बड़े मंदिरो में ही नहीं बस्ती क्षेत्र के सभी मंदिरों में जाकर हनुमान चालीसा पाठ लगातार किया जा रहा है। कुछ समय पूर्व श्री सालंगपुर धाम के स्वामी श्री हरिप्रकाशदास जी महाराज का झाबुआ प्रवास हुआ था। उनसे एक ही आशीर्वाद चाहा था की 2022 से आरम्भ किए इस हनुमान चालीसा पाठ श्रृंखला में प्रत्येक हिन्दू घर से एक व्यक्ति चालीसा पाठ में सम्मिलित हो। सनातन की शक्ति को और अधिक बढ़ाने के लिए यह हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन आरम्भ किया था और आज आप सबने इस श्रृंखला के 209 वें पाठ अवसर पर आयोजित इस महानुष्ठान में शामिल हो एकजुटता दिखाई है, यह बाबा के आशीर्वाद का ही प्रभाव है।
आयोजन के बीच गुजरात स्थित श्री सालंगपुर धाम में हनुमान जी महाराज के परम भक्त स्वामी श्री हरिप्रकाश दास जी महाराज ( अथाना वाले ) का झाबुआ के समस्त बाबा हनुमान भक्तों के लिए वीडियो संदेश बड़ी एलईडी स्क्रीन पर दिखाया गया।
आदिवासी क्षेत्र में धर्म जागरण की अलख जगाने वाले सनातनी संत स्व. श्री खुमसिंग महाराज के पुत्र और लगातार धर्म जागरण हेतु सक्रिय कमल जी महाराज ने कहा धर्म की अलख जगाने का झाबुआ के युवाओं ने जो दायित्व लिया है वह बड़ा और महत्वपूर्ण कार्य है। स्व. श्री खुमसिंग महाराज ने जो गौ हत्या और धर्मान्तरण रोकने व साथ ही हिन्दू जागरण के जो कार्य किए हम आज उसी कार्य को आगे बढ़ा रहे है। हम हिन्दू सनातनी सब एक है, कोई छोटा बड़ा नहीं सबसे पहले हम सब सनातानी है। इसी संकल्प के साथ हम ग्रामीण और शहरी सभी क्षेत्र में जागरण की अलख जगा रहे है।
उन्होंने कहा हम सब मिलजुलकर रहे कोई विधर्मी अगर हमें आँख उठाकर देखेगा तो हम उसकी आँख में आँख मिलाकर जवाब देंगे। इस आदिवासी क्षेत्र को धर्मान्तरण मुक्त बनाने के लिए जो अभियान चलाया जा रहा है। उसके छठे चरण में अवैध पादरियों को जेल में डलवाया है। अभी ग्राम सजेली का घटनाक्रम ताजा है जहाँ बड़ी संख्या में गौ हत्या की जाती रही है। इन गौ हत्या में जो भी लोग शामिल है उन सबको उम्र कैद नहीं फाँसी पर लटकाया जाए , ऐसा नियम कानून बनाया जाना जरूरी है। उन्होंने सभी हिन्दू जनों से मस्तक पर तिलक लगाने का आह्वान किया। उन्होंने हिन्दू एकता को समय की माँग बताते हुए कहा की बांग्लादेश का उदाहरण हमारे सामने है। हम जागे है तो अब सभी को भी जगाना है।
इससे पूर्व मंचासीन अतिथियों कमल जी महाराज , अनसिंह महाराज ( डूंगरा ) शैतान महाराज ( बावड़ियाँ ), नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती कविता सिंगार, पं. गणेशप्रसाद उपाध्याय, पं. विश्वनाथ शुक्ला, पं. जनार्दन शुक्ला, जानकीलाल केलवा, पं. रमेश त्रिवेदी का स्वागत समिति के शुभम राठौर , भावेश सोनी, आशीष पांडे, हिमांशु घोटकर, प्रवेश उपाध्याय, अभिषेक बरबेटा, विश्वास शाह व अन्य सदस्यों ने किया।
आयोजन स्थल पर अमझेरा से आई भजन मंडली सदस्यों और दाहोद से आए बाबा कष्टभंजन के भक्त अजय पांचाल, अनिल चौहान का स्वागत समिति द्वारा किया गया। इस महानुष्ठान में सम्मिलित भक्तों के लिए श्री हनुमान चालीसा पुस्तिका ठा. अभिमन्युसिंह बैस द्वारा भेंट की गई।
अतिथियों व सैकड़ों भक्तों द्वारा आरती पश्चात समस्त भक्तों द्वारा दर्शन करते हुए अपने कष्टों की लिखी हुई पर्चीयां बाबा के समक्ष रखें गए बॉक्स में डाली गई। उल्लेखनीय है की इस आयोजन में जिले भर से भक्तों ने पर्चीयां भेजकर बाबा कष्टभंजन देव के दरबार में अपनी अर्जी लगवाई है। यह सभी पर्चीयां बाबा कष्टभंजन देव सालंगपुर ले जाई जाएगी। वहाँ स्वामी श्री हरिप्रकाशदास महाराज ( अथाना वाले ) द्वारा बाबा से झाबुआवासियों के कष्टो के त्वरित निवारण की विशेष प्रार्थना करेंगे। आयोजन का संचालन सामाजिक महासंघ अध्यक्ष नीरजसिंह राठौर ने किया और समस्त भक्तों और सहयोगकर्ताओ के प्रति आभार अंबरीष भावसार ने माना।

