अमित शर्मा
झाबुआ। झाबुआ ब्लाक के अंतरवेलिया के सरपंच ने सरपंच से सीधे बात कार्यक्रम में कलेक्टर आशीष सक्सेना को मोबाईल पर फोन लगाकर अंतरवेलिया में पुलिया का निर्माण मुख्यमत्री जी घोषणानुसार करवाने की मांग की। पेटलावद ब्लाक के बेकल्दा के सरंपच ने शासन की सभी योजनाओं के सुचारू चलने की जानकारी दी।
सरपंच पद पर महिला है तो महिला ही फोन उठाये----
हर सोमवार को प्रातः 10.30 से 11.00 बजे के मध्य सरपंच से सीधी बात कार्यक्रम में कलेक्टर श्री आशीष सक्सेना जिले की 6 ग्राम पचायतो का रेण्डमली चुनाव कर सरपंचो से गांव की समस्या जानने के लिये कलेक्टर कार्यालय से फोन लगवाकर बात करते है। विगत 26 सितम्बर से कलेक्टर महोदय सरपंचो से सीधे बात कर रहे है। फोन लगाने के दौरान यह पाया गया कि जिन ग्राम पचायतो में सरपंच के पद पर महिलाऐ निर्वाचित है वहां उनका फोन पुरूषो द्वारा अटेन्ड किया जाता है जिससे सरपंच से बात नहीं हो पाती एवं गांव की समस्या जानने में भी कठिनाई होती है। कलेक्टर आशीष सक्सेना ने अनुरोध किया है कि कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर कार्यालय से फोन आने पर यदि सरपंच पद पर महिला काबिज है, तो फोन वही अटेण्ड करे एवं अपने पंचायत क्षेत्र की समस्या बताये। ताकि गांव की समस्याओं का समाधान हो सके।
हितग्राहियों को दिलवायें शौचालय निर्माण की सामाग्री -----
सरपंचो से चर्चा के दौरान कलेक्टर आशीष सक्सेना ने सभी संरपंचो को निर्देशित किया कि जिले में प्रधानमंत्री जनधन योजना मे जितने हितग्राहियों के खाते है, उनके खाते में बैंक द्वारा 5 हजार का ओवर ड्राफ्ट किया जायेगा, ताकि वह स्वच्छ भारत मिशन अभियान अतंर्गत शौचालय का निर्माण करे पाये। आपके ग्राम पंचायत क्षैत्र के जितने भी हितग्राहियों के यहां शौचालय नहीं बने है उनकी डिमांड आज ही डलवाये। डिमांड डल जाने के बाद बैक द्वारा उसके बैंक खाते में 5 हजार रूपये डाले जायेगे। जिस दिन हितग्राही के खाते में ओवर ड्राफ्ट की राशि जमा हो, उसी दिन आप उसे शौचालय निर्माण के लिए रेत, सीमेंट, टाॅयलेट सीट, ईट इत्यादि सामान वेण्डर से समक्ष में खरीदवाये। हितग्राही द्वारा शौचालय निर्माण का आधा काम पूर्ण कर लिये जाने पर हितग्राही के खाते में 6 हजार रूपये स्वच्छ भारत मिशन योंजना से डाले जायेगे। उसके बाद बैंकर्स उसे पुन 5 हजार का ओवरड्राफ्ट करेगे। शौचालय पूर्ण हो जाने पर 6 हजार रूपये उस बैंक खाते में जिला पंचायत द्वारा पुनः जमा किये जायेगे। इससे बैंक खाते भी आॅपरेट हो जायेगे और हितग्राही का काम भी हो जाएगा। और आपका गांव भी खुले में शौच से मुक्त होने का गौरव प्राप्त कर सकेगा।


