अमित शर्मा
झाबुआ। मध्यप्रदेष षिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अनिल कोठारी , सचिव कालुसिंह परमार, कोषाध्यक्ष रवीन्द्र श्रीवास्तव कर उपस्थिति में प्रदेश एवं जिला स्तरीय शिक्षकों की समस्याओं को एक अहम बैठक आयोजित की गई । बैठक में संगठन के विकाखंड स्तरीय पदाधिकारी एवं तहसील स्तरीय पदाधिकारी गणों ने भी सहभागिता की। बैठक में षिक्षकों की प्रदेश एवं जिला स्तरीय समस्याओं एवं मांगों को लेकर गहन विचार विमर्श किया गया जिसें प्रदेश के समस्त सहायक शिक्षकों को एक साथ पदोन्नत किये जाने, एवं सभी शिक्षकों को समयमान वेतनमान दिये जाने के साथ ही रिक्त हाईस्कूल, हायर सेकेण्डरी में प्राचार्य पदों की पूर्ति व्याख्याताओं को पदोन्नत किये जाने की मांग के अलावा पदोन्नति की कार्यवाही में संविदा वर्ग की भर्ती के पूर्व अनिवार्य रूप से किये जाने का संकल्प पारित किया गया । बैठक में जिला स्तरीय समस्याओं को लेकर भी चर्चा हुई। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास द्वारा विकासखंड स्तर पर जीपीएफ प्रकरणाका निराकरण माह मं एक बार किये जाने के आदेश का विरोध करते हुए इसे कर्मचारी विरोधी बताते हुए कहा है कि किसी भी कर्मचारी को यदि इमरजेंसी में परिस्थिति वश राशि की जरूरत हो तो यह आदेश अवरोध बनेगा इसलिये इस आदेश को वापस लिये जाने की मांग की गइ्र। वही संयुक्त संचालक कोष एवं लेखा इन्दौर की आपत्ती का निरारकण करने से पूर्व लेन देन कर शिक्षकों की राशि आहरित करने पर शिक्षकों को भविष्य में वसूली की जबाबदारी किस पर होगी ? इसके बारे मे भी चर्चा की गई । वही खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों द्वारा विभिन्न फर्मो के सीधे बिल प्राप्त कर भुगतान किया जारहा है जबकि शासन नियमानुसार प्राचार्य के के लेखापाल से शासकीय प्रोसेस कर जावक कर दिया जाना चाहिये , बैठक में जीपीएफ व पार्ट फायनल, अस्थाई अग्रिम का आहरण जो महालेखाकार की अंतिम लेखापर्ची पर होता है । इसलिये प्रचलित प्रोफार्मा को बंद करने की मांग भी बैठक में उठाई गई । बैठक मे इन समस्याओं को विकासखंड पदाधिकारी मोहन राठौर, अब्दूल हनीफ मसुरी, जयेश शर्मा, मंगलसिंह पणदा, बंशीलाल राठौर, गुलसिंह भूरिया, दीपसिंह सिंघाड, आरसी हरसौला, हेमेन्द्र टेलर, तेजस जैन, चन्द्रकांत टेलर एवं अन्य पदाधिकारियों ने रख्ी । बैठक में निर्णय लिया गया कि समस्याओं का त्वरित निराकरण नही होने पर मध्यप्रदेश शिक्षक संघ द्वारा मजबुरन आंदोलन किया जावेगा ।


