अमित शर्मा ( झाबुआ अभीतक)
झाबुआ= बदनावर-पेटलावद-थांदला-तिमरवानी फोरलेन परियोजना से प्रभावित झाबुआ जिले के किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने प्रभावित किसानों की मुख्य मांग स्वीकार करते हुए अधिग्रहित भूमि के एवज में प्रचलित नवीन गाइडलाइन दर के आधार पर 4 गुना मुआवजा देने की बड़ी घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा आज सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद में यह फैसला सुनाए जाने के तुरंत बाद, कलेक्टर कार्यालय परिसर में पिछले 5 दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे किसानों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया।
भारतीय किसान संघ के बैनर तले पेटलावद और थांदला क्षेत्र के किसान कलेक्टर कार्यालय के सामने विगत 5 दिनों से अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए थे। किसानों का कहना था कि झाबुआ एक आदिवासी बहुल अंचल है, जहां शासकीय गाइडलाइन दरें वास्तविक बाजार मूल्य से काफी कम हैं। इसके अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण का मुआवजा अवार्ड पुरानी गाइडलाइन दरों पर पारित किया गया था, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा था।
किसान वर्तमान में लागू नवीन गाइडलाइन दरों के हिसाब से 4 गुना मुआवजे की मांग पर अड़े थे। सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेटलावद और थांदला के प्रभावित किसानों से सीधी बात की और उनकी मांगों को जायज मानते हुए 4 गुना मुआवजा देने की घोषणा कर दी।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान झाबुआ जिले के प्रभारी मंत्री तथा जनजातीय कार्य एवं लोक परिसंपत्ति प्रबंधन मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया, अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान और केंद्रीय राज्य मंत्री (महिला एवं बाल विकास) सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री की घोषणा के साथ ही कलेक्ट्रेट परिसर में पिछले पांच दिनों से बना तनाव का माहौल समाप्त हो गया और किसानों ने फैसले पर खुशी जताते हुए अपना धरना समाप्त कर दिया।

