पेयजल गुणवत्ता पर प्रशासन सख्त ।।
कलेक्टर के निर्देश पर जिलेभर में वाटर ट्रीटमेंट प्लांटों की जांच ।।
अमित शर्मा (झाबुआ अभीतक)
झाबुआ |गत दिनों इंदौर में दूषित पेयजल से हुई मौतों के बाद झाबुआ जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। कलेक्टर नेहा मीना के निर्देशानुसार जिले के सभी नगरीय निकायों में वाटर ट्रीटमेंट प्लांटों, जल टंकियों एवं जल वितरण व्यवस्था का सघन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को प्रत्येक वार्ड से जल के रेंडम सैंपल लेकर BIS मानकों के अनुरूप परीक्षण कराने, दूषित पाए जाने पर तत्काल जल आपूर्ति रोककर वैकल्पिक सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही 20 वर्ष से अधिक पुरानी एवं लीकेज वाली पाइपलाइनों को चिन्हित कर 48 घंटे के भीतर सुधार के आदेश दिए गए हैं।
झाबुआ नगर में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सुश्री अवनधती, पेटलावद में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सुश्री तनुश्री मीणा ओर मेघनगर में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्रीमती रितिका पाटीदार रानापुर में नायब तहसीलदार द्वारा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया।
निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पेयजल की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।

