स्वदेशी वस्तुओं को जीवन पर्यंत अपनाने से ही भारत बनेगा सोने की चिड़िया -ः सामाजिक महासंघ जिलाध्यक्ष डॉ. नीरजसिंह राठौरशहर की सड़कों पर उतरकर स्कूल और कॉलेज के हजारों बच्चों ने दिया स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने का महासंदेश ।।झाबुआ में गूंजा ‘स्वदेशी वस्तुओं को अपनाकर देश को आत्मनिर्भर’ बनाने के जयघोष ।।

JHABUA ABHITAK
अमित शर्मा ( झाबुआ अभी तक)

(दौलत गोलानी जिला संवाददाता)
झाबुआ। सामाजिक महासंघ जिला इकाई द्वारा शहर के पैलेस गार्डन पर ‘स्वदेशी एक जन आंदोलन’ महाभियान के तहत 15 अक्टूबर, बुधवार सुबह 9.30 बजे से जन-जागरूकता महारैली का आयोजन किया गया। जिसमें जन-जन को स्वदेशी वस्तुओं को अपनाकर देश को मजबूत बनाने हेतु शहर की स्कूल और कॉलेज के हजारों विद्यार्थियों ने ‘भारत माता, वंदे मातरम् और हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी’ के जयघोष के साथ महा जन-जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। रैली में करीब 2500 बच्चों ने सहभागिता की। महारैली तिरंगा ध्वजों और स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने के संदेशों की तख्तीयों के साथ मुख्य बाजार और गली-मोहल्लों से होकर निकली। जिसने आमजन को जागरूक करने के साथ स्वदेशी सामग्रीयों को अपनाकर देश को विकसित बनाने का अभूतपूर्व संदेश दिया। 
पैलेस गार्डन पर प्रारंभ में सेवानिवृत्त प्राचार्य एवं वरिष्ठ इतिहासविद् डॉ. केके त्रिवेदी ने सामाजिक महासंघ जिला इकाई के ‘आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया और हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी’ महाभियान के बारे में बताया कि यह महाभियान संपूर्ण जिले में करीब 250 स्कूल और कॉलेजों में चलाकर स्कूल और कॉलेज के बच्चों को सामाजिक महासंघ के पदाधिकारी-सदस्यों ने स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने की शपथ दिलवाते हुए करीब 1 लाख 50 हजार से अधिक पत्रकों का वितरण किया गया। स्कूली बच्चों को अपने अभिभावकों, परिवार रिश्तेदार, समाज, मोहल्लेवासियों को स्वदेशी सामग्रीयो को अपनाने हेतु प्रेरित करने का आव्हान करते हुए उन्हें पत्रक प्रदान किए गए। 
इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में सामाजिक महासंघ जिलाध्यक्ष डॉ. नीरजसिंह राठौर ने बताया कि भारत को फिर से सोने की चिड़िया बनाने के लिए देश के प्रत्येक नागरिक को जीवन पर्यंत स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करना अत्यंत आवश्यक है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी स्वदेशी अभियान और आत्मनिर्भर भारत को प्रोत्साहन दे रहे है। देश के सबसे बड़े दीपावली पर्व के दौरान प्रत्येक नागरिक बाजारों से स्वदेशी सामग्रीयों की ही खरीदे। भारत में निर्मित वस्तुओं का इस्तेमाल जीवन पर्यंत करे। जिससे जहां व्यापारी आत्मनिर्भर होने के साथ स्वदेशी वस्तुओं को प्रोत्साहन मिलेगा और देश भी आर्थिक रूप से सशक्त और मजबूत बन सकेगा। सामाजिक महासंघ जिलध्यक्ष डॉ. राठौर ने आगे बताया कि स्वदेशी वस्तु ही हमारी जान और पहचान भी है। देश के प्रत्येक व्यक्ति को इन वस्तुओं और सामग्रीयों का जीवन पर्यंत इस्तेमाल करना है।  
2500 बच्चों को एक साथ दिलवाई गई शपथ
सामाजिक महासंघ के ‘हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी’ महाभियान अंतर्गत अतिथियों में वरिष्ठ डॉ. केके त्रिवेदी, राधेश्याम परमार ‘दादूभाई;, प्रतापंिसंह सिक्का, डॉ. एमएल फुलपगारे, पीडी रायपुरिया, विनोदकुमार जायसवाल, ललित त्रिवेदी, नाथूलाल पाटीदार, प्रकाशचन्द्र त्रिवेदी, भागीरथ सतोगिया,रितूराजसिंह राठौर, जितेन्द्र शाह, मनोज खाबिया आदि ने दीप प्रज्जवलन कर जन-जागरूकता महारैली का आगाज किया। बाद महासंघ के पदाधिकारी रविंद्रसिंह सिसोदिया ने हजारों बच्चों को एक साथ हाथ खड़े करवाकर स्वदेशी वस्तुओं को अपनाकर देश के विकास में सहभागी बनने की सामूहिक शपथ दिलवाई। इस बीच श्री संकट मोचन सेवा समिति हनुमान टेकरी के वरिष्ठ सदस्य गजेंद्रसिंह चंद्रावत ने उपस्थित जनसमूह को शहर के अंबा रिसोर्ट पर होने वाली तीन दिवसीय जिला स्तरीय श्री हनुमान चरित्र कथा के बारे में जानकारी देते हुए कथा में उपस्थित सभीजनों से अधिकाधिक संख्या में शामिल होकर लाभ लेने का आव्हान किया। साथ ही 15 अक्टूबर, बुधवार को पुष्य नक्षत्र के शुभ अवसर पर अंबा रिसोर्ट के नए रूप में भव्य शुभारंभ की भी जानकारी दी। इस दौरान सामाजिक महासंघ के जिला महासचिव उमंग सक्सेना ने उपस्थित जन-समूह से ‘भारत माता, वंदे मातरम् और हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी’ के सामूहिक जयघोष लगवाएं। जयघोष से पूरा परिसर गूंज उठा
मुख्य बाजार और गली-मोहल्ले में गूंजा स्वदेशी का नारा
कार्यक्रम पश्चात् पैलेस गार्डन से हजारों स्कूल विद्यार्थियों ने अपने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा और स्वदेशी वस्तुओं का अपनाने संबंधी तख्तीयां लेकर महा जन-जागरूकता रैली निकाली। रैली में आगे बैंड-बाजों पर  देशभक्ति गीत और इसके पीछे सामाजिक महासंघ के पदाधिकारी सहित विभिन्न सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं के पदाधिकारी-सदस्य और समाजसेवी अपने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लेकर चले। इसके पीछे 4-4 की कतार में स्कूल और कॉलेज के हजारों बच्चों ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा और हाथों में तख्तियां लेकर ‘स्वदेशी वस्तुओं को अपनाएंगे देश को विकसित बनाएंगे, हम सब की है जिम्मेदारी, स्वदेशी वस्तुओं को अपनाकर देश को मजबूत बनाना है, दीपावली और सभी त्योहारों पर स्वदेशी वस्तुओं को ही घर लाना है’ जैसे जयघोष लगाए गए। यह महारैली करीब 3 किलोमीटर लंबी रहीं। जिसमें शहर की शारदा विद्या मंदिर हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम, केशव विद्यापीठ एवं केशव इंटरनेशनल स्कूल, इंदौर पब्लिक स्कूल, अंकुरम इंटरनेशनल स्कूल, न्यू पलाश कॉन्वेंट, सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रातीतलाई, शासकीय हाईस्कूल बुनियादी, शासकीय सांदिपनि विद्यालय, पीएमश्री शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, त्रिपुरा कॉलेज ऑफ नर्सिंग एवं मां शारदा इंस्टीट्यूट आफ फार्मेसी कॉलेज के करीब 2500 छात्र-छात्राओं ने शहर के मुख्य बाजार, गली-मोहल्लों से निकलते हुए आमजनों के साथ व्यापारियों एवं घर-घर तक स्वदेशी सामग्रियों को अपनाने का संदेश पहुंचाया। जन-जागरूकता महारैली में स्कूल-कॉलेज के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं स्टॉफ भी शामिल हुआ। महारैली में करीब 500 राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा के साथ 200 तख्तीयां लेकर स्कूल और कॉलेज के बच्चें शामिल हुए। सभी बच्चों में अपार जोश और उत्साह का संचार देखा गया।
राष्ट्रगान के साथ हुआ समापन
सामाजिक महासंघ मीडिया प्रभारी दौलत गोलानी ने बताया कि महारैली शहर के राजवाड़ा से श्री गोवर्धननाथ मंदिर तिराहा, आजाद चौक, बाबेल चौराहा, थांदला गेट, मेन बाजार, बस स्टैंड से पुनः मेन बाजार, थांदला गेट, रूनवाल बाजार, जैन मंदिर चौराहा, लक्ष्मीबाई मार्ग, राजवाड़ा होते हुए पुनः पैलेस गार्डन पहुंची। जहां राष्ट्रगान की प्रस्तुति शारदा समूह के संचालक अथर्व शर्मा एवं न्यू पलाश कान्वेंट के संचालक डॉ. संतोष प्रधान ने दी। उपस्थित सभी बच्चों एवं स्कूल स्टॉफ ने राष्ट्रगान कर ‘भारत माता वंदे मातरम्, जय-जय स्वदेशी हर-घर स्वदेशी’ के जयघोष लगाएं। समापन पर सभी बच्चों के लिए स्वादिष्ट स्वल्पाहार के रूप में पोहे का वितरण किया गया। अंत में आभार सामाजिक महासंघ के सेवाभावी पदाधिकारी हरीश शाह ‘लालाभाई; ने माना। संपूर्ण आयोजन को सफल बनाने में सामाजिक महासंघ से जुड़े रविराजसिंह राठौर, सुनील चौहान, अब्दुल रहीम अब्बू दादा आदि सहित सभी पदाधिकारी-सदस्यों ने सराहनीय सहयोग प्रदान किया। 
फोटो 01 एवं फोटो 02 -ः स्वदेशी जन आंदोलन को संबोधित करते सामाजिक महासंघ जिलाध्यक्ष डॉ. नीरजसिंह राठौर एवं मंच पर उपस्थित महासंघ के वरिष्ठ पदाधिकारीगण। 
फोटो 03 एवं फोटो 04 -ः शहर की स्कूल और कॉलेज के हजारों बच्चों एवं स्टॉफ ने स्वदेशी वस्तुओं को जीवन पर्यंत अपनाने का संकल्प लिया। 
फोटो 05 एवं फोटो 06 -ः शहर के मुख्य बाजार और गली-मोहल्लों से निकाली गई स्वदेशी जन-जागरूकता महारैली।
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