मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा द्वारा 51 सूत्रीय ज्ञापन कैबिनेट मंत्री, ओर सांसद को सौंपा ।।

JHABUA ABHITAK
                           
अमित शर्मा (झाबुआ अभीतक)
मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा जिला झाबुआ  द्वारा अपने 4 चरणों के आंदोलन के द्वितीय चरण में  51 सूत्रीय मांगों  के निराकरण हेतु आज दिनांक 25 जनवरी, 2025 को माननीय कैबिनेट मंत्री, महिला एवं बाल विकास विभाग म. प्र. शासन को एवं माननीय  सांसद, संसदीय क्षेत्र रतलाम को ज्ञापन सौंपा। 
                     
प्रमुख मांग निम्नानुसार है, जिसका शासन की ओर से निराकरण अपेक्षित है ।।
1 - मध्यप्रदेश में पुरानी पेंशन योजना पुन: लागू कि जावे |
2-  प्रदेश के अधिकारियों कर्मचारियों की पदोन्नतियां  अति शीघ्र प्रारंभ की जावे |
3- प्रदेश के अधिकारियों कर्मचारियों एवं पेंशनरों को जुलाई 2024 से केंद्र के समान महंगाई भत्ता देते हुए
एरियर्स की राशि का  भुगतान किया जाए |
4 - लिपिक संवर्ग को मंत्रालय के समान समयमान वेतनमान दिया जावे |
5 -शिक्षक संवर्ग को 35 वर्ष की सेवा उपरांत चतुर्थ समयमान वेतनमान प्रदाय किया जावे। नवीन शिक्षक  संवर्ग /अध्यापक संवर्ग को प्रथम  नियुक्ति दिनांक  से वरिष्ठता प्रदान की जावे| 
6- स्थाई कर्मीयों को 7 वे वेतनमान का लाभ दिया जावे साथ ही दैनिक वेतन भोगी , आउटसोर्स को नियमित किया जाकर जाए। 
 7 -  प्रदेश के अधिकारियों कर्मचारियों सहित पेंशनरों निगम मंडल इत्यादि में कार्यरत अधिकारियों कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ मंत्री परिषद के आदेश दिनांक 4 अप्रैल 2020 के संदर्भ में किया जावे  अथवा सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आयुष्मान भारत योजना की परिधि में लाया जावे।
8- राजस्व विभाग में तहसीलदारों का ग्रेड पे 5400, नायब तहसीलदारों का ग्रेड पे 4800, राजस्व निरीक्षकों का ग्रेड पे 3600 तथा पटवारियो  का ग्रेड पे  2800  किया जावे ।
9 - वन विभाग, राजस्व विभाग  अथवा अन्य किसी विभाग के शासकीय सेवकों की बिना जांच के अपराधिक प्रकरणों के तहत  गिरफ्तारी नहीं की जावे |
10 - वाहन चालक का पदनाम परिवर्तित कर पायलेट/व्हीकल ऑपरेटर किया जाए |
11 -भृत्य का पदनाम परिवर्तित किया जाकर कार्यालय सहायक किया जावे |
12 -प्रदेश के सभी विभागों में अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों का तत्काल निराकरण किया जाए एवं नियमो शिक्षा विभाग में अनुकम्पा नियुक्ति हेतु डी.एड. पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता समाप्त की जाए। 
13- अतिथि शिक्षक एवं अतिथि विद्वानों को नियमित किया जावे एवं आउट सोर्स कर्मचारियों को भी नियमित किया जावे।
इस अवसर पर मोर्चा के जिलाध्यक्ष गजराज दातला, अखिलेश मुलेवा, राजेंद्र अमलियार, राकेश परमार, प्रकाश पालीवाल, उदय बिलवाल, शैलेन्द्र पंवार,
 प्रतापसिंह सोलंकी, शंकर सिंह पालीवाल,  धूमसिंह सिंगाड़, शंकर सिंह चौहान,  बदिया परमार  सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित हुएl  माननीय मंत्री महोदय द्वारा कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों का माननीय मुख्यमंत्री जी से निराकरण करवाये जाने हेतु आश्वासन दिया गया। उक्त जानकारी जिलाध्यक्ष गजराज सिंह दतला द्वारा दी गई ।

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