2 अक्टूबर को प्रदेश के पंचायत प्रतिनिधियों का "दिल्ली" में जंगी प्रदर्शन

JHABUA ABHITAK

अमित शर्मा 
झाबुआ। 2 अक्टूबर को गांधी जयंती पर पूरे प्रदेश के पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा त्रि-स्तरीय पंचायत राज व्यवस्था के तहत अधिकार वापस देने को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर जंगी प्रर्दान किया जाएगा। जिसको लेकर मंगलवार को दोपहर जिले के समस्त पंचायत प्रतिनिधियों की जिला स्तरीय बैठक स्थानीय कृषि उपज मंडी प्रांगण में आयोजित हुई। जिसमें अतिथि के रूप में जिपं अध्यक्ष सुश्री कलावती भूरिया के साथ आलीराजपुर जिपं अध्यक्ष डीपी धाकड़, सरपंच संघ मंदसौर से रामसिंह भाई के अलावा रतलाम जनपद पंचायत अध्यक्ष एवं सीतामहू सरंपच संध के अध्यक्ष उपस्थित थे।
सर्वप्रथम अतिथियों का स्वागत जिला पंचायत उपाध्यक्ष चन्दवीरसिंह राठौर लाला, मानसिंह मेड़ा, आदि द्वारा पुपमालाओं से किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए जिपं आलीराजपुर के अध्यक्ष श्री धाकड़ ने कहा कि प्रदेा सरकार ने हमसे त्रि-स्तरीय पंचायत अधिकार छीनकर छलावा किया है। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में सरंपच गांव का विकास नहीं कर पा रहे है और ग्रामीणों को रोजगार नहीं मिलने से वे पलायन पर जाने को मजबूर हो रहे है। इन दिनों गांवों में ग्रामीणों को खरीफ सीजन चलने से पैसों की अत्यधिक आवयकता है, लेकिन उन्हें पैसा नहीं मिलने से साहूकारों से ऋण लेने को विवा होना पड़ रहा है। गांवों में योजनाएं पूरी तरह से ठप्प हो गई है।
सभी सरपंच एकजुट हो-----
बैठक को संबोधित करते हुए मंदसौर से पधारे सरपंच संघ के अध्यक्ष रामसिंहभाई ने उपस्थित पूरे जिले के समस्त सरंपचों से एकजुट होने का आव्हान किया एवं प्रदेा सरकार के इस तानाााहीपूर्ण रवैये का खुलकर विरोध करने की बात कहीं। उन्होंने उपस्थित प्रतिनिधियों से आव्हान किया कि वे 2 अक्टूबर को दिल्ली में होने वाले जंगी प्रर्दान में जिले से हजारों की संख्या में शामिल हो और प्रदेश सरकार के अड़ियल रवैये का केंद्र सरकार के समक्ष विरोध करे।
अधिकारों से किया वंचित
जिपं अध्यक्ष सुश्री कलावती भूरिया ने इस अवसर पर तीखे लहजे में कहा कि प्रदेा सरकार ने त्रि-स्तरीय पंचायती राज छीनकर प्रतिनिधियों की हालत बद से बदत्तर कर दी है। उन्हें गांव के विकास करने के लिए पैसा नहीं मिल रहा है। गांवो में मनरेगा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, कपिल धारा कूप योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं, जो पूर्व में कांग्रेस की यूपीए सरकार के दौरान एक नंबर पर थी और ग्रामीण महिला-पुरूाो को रोजगार मिलने से उनका पलायन नहीं हो रहा था, लेकिन वर्तमान में इन योजनाओं में कार्य नहीं होने एवं मजदूरों को पुराना बकाया पैसा नहीं मिलने से उन्हें पलायन की ओर रूख करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अब जनप्रतिनिधि चुप्प नहीं बैठेंगे और केंद्र तथा प्रदेा सरकार की तानाााही एवं लापरवाहीपूर्ण रवैये का खुलकर विरोध करेंगे। इसी के तहत 2 अक्टूबर को यह जंगी प्रर्दान रखा गया है और जिले के हर विकासखंडों में सैकड़ों की संख्या में प्रतिनिधि सहभागिता करेंगे।
 बैठक का संचालन जनपद सदस्य पति हेमचंद डामोर ने किया एवं अंत में सभी के प्रति आभार जनपद पंचायत थांदला के अध्यक्ष गेंदाल डामोर ने माना।

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