अमित शर्मा (झाबुआ अभी तक)
इंदौर/झाबुआ =रेल यात्रियों की सुरक्षा, जनजागरूकता एवं तकनीकी नवाचार को सुदृढ़ करने हेतु शासकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) इंदौर द्वारा प्रारंभ की गई दो महत्त्वपूर्ण एवं जनहितकारी पहल— “हमारी सवारी–भरोसे वाली” तथा “पटरी की पाठशाला” के एक माह के सफल संचालन के उपरांत आज रेलवे स्टेशन इंदौर परिसर स्थित जीआरपी थाना में समीक्षा एवं मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री शंकर ललवानी, सांसद, इंदौर (म.प्र.) रहे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री पुष्यमित्र भार्गव, महापौर, नगर पालिका निगम, इंदौर की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में मार्गदर्शक एवं प्रेरणादायक वक्ता के रूप में श्री प्रभुनारायण मिश्रा, पूर्व डीन, आईएमएस, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV), इंदौर उपस्थित रहे, जिनके विचारों ने कार्यक्रम को दिशा एवं ऊर्जा प्रदान की। कार्यक्रम में प्रेरणा स्रोत के रूप में श्री महेन्द्र सिंह सिकरवार, सेवा निवृत्त पुलिस महानिरीक्षक,श्री अनिल सिंह कुशवाह, सेवा निवृत्त पुलिस महानिरीक्षक, श्री पंकज श्रीवास्तव, उप पुलिस महानिरीक्षक, रेलवे, म.प्र. की विशेष उपस्थिति रही।
समीक्षा एवं मार्गदर्शन कार्यक्रम का उद्देश्य
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दोनों अभियानों के एक माह के दौरान हुए क्रियान्वयन की समग्र समीक्षा, मैदानी अनुभवों का विश्लेषण, जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों से मार्गदर्शन प्राप्त करना, तथा आगामी रणनीति को और अधिक प्रभावी बनाना रहा। अतिथियों द्वारा अभियानों की उपयोगिता, जनस्वीकृति एवं प्रभावशीलता पर बहुमूल्य सुझाव प्रदान किए गए।
सांसद श्री शंकर ललवानी ने अपने संबोधन में कहा कि
इंदौर केवल देश का सबसे स्वच्छ शहर ही नहीं, बल्कि मां अहिल्या की पुण्यभूमि भी है, जहाँ व्यवस्था, अनुशासन और जनसेवा को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। शासकीय रेलवे पुलिस इंदौर द्वारा प्रारंभ किए गए ये दोनो अभियान इसी सोच को धरातल पर उतारने का सशक्त उदाहरण हैं।
महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने अपने संबोधन में कहा कि इंदौर की पहचान आज स्वच्छता, सुव्यवस्था और नागरिक सहभागिता से बनी है। यही कारण है कि यहाँ किए गए नवाचार पूरे देश के लिए उदाहरण बनते हैं। जीआरपी इंदौर द्वारा चलाए जा रहे ये दोनो अभियान इसी इंदौर मॉडल का विस्तार हैं।”
पुलिस अधीक्षक रेल, इंदौर श्री पद्म विलोचन शुक्ल ने कहा—
“जीआरपी इंदौर द्वारा प्रारंभ की गई ये दोनों पहलें तकनीक, संवेदनशील पुलिसिंग एवं जनभागीदारी का समन्वय हैं। एक माह के सफल परिणाम हमें इन अभियानों को और व्यापक रूप देने की प्रेरणा देते हैं।”
कार्यक्रम का समापन सकारात्मक संवाद, अनुभव साझा करने एवं रेल यात्रियों की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के संकल्प के साथ हुआ। उपस्थित जनों ने इन पहलों को यात्री सुरक्षा की दिशा में एक सराहनीय एवं अनुकरणीय प्रयास बताया।

