मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा द्वारा कलेक्टर कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया ।।

JHABUA ABHITAK



अमित शर्मा ( झाबुआ अभीतक)
झाबुआ= म.प्र. अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा द्वारा प्रदेश के अधिकारियों कर्मचारियों की न्यायोचित 51 सूत्रीय मांगो के निराकरण हेतु चरणबद्ध आंदोलन किया जा रहा है। आंदोलन के प्रथम चरण में जिला कलेक्टरों के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपा गया, द्वितीय चरण में माननीय मंत्री, सांसद एवं विधायक के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किए गए, किंतु शासन द्वारा मांगों का निराकरण नहीं किए जाने से आंदोलन के तृतीय चरण में मध्य प्रदेश के सभी जिला कलेक्टर कार्यालय में लंच टाईम 1:30 से 2:00 में धरना प्रदर्शन किया गया। इसी कड़ी में झाबुआ में भी कलेक्टर कार्यालय परिसर में लंच टाईम दोपहर 1:30 से 2:00 तक में कर्मचारियों द्वारा धरना प्रदर्शन कर नारेबाजी की गई।
अधिकारी, कर्मचारियों की प्रमुख मांग निम्नानुसार है-
1 - मध्यप्रदेश में पुरानी पेंशन योजना पुन: लागू कि जावे |
2- प्रदेश के अधिकारियों कर्मचारियों की पदोन्नतियां अति शीघ्र प्रारंभ की जावे |
3- प्रदेश के अधिकारियों कर्मचारियों एवं पेंशनरों को जुलाई 2024 से केंद्र के समान महंगाई भत्ता देते हुए
एरियर्स की राशि का भुगतान किया जाए |
4 - लिपिक संवर्ग को मंत्रालय के समान समयमान वेतनमान दिया जावे |
5 -शिक्षक संवर्ग को 35 वर्ष की सेवा उपरांत चतुर्थ समयमान वेतनमान प्रदाय किया जावे। नवीन शिक्षक संवर्ग /अध्यापक संवर्ग को प्रथम नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता प्रदान की जावे| 
6- स्थाई कर्मीयों को 7 वे वेतनमान का लाभ दिया जावे साथ ही दैनिक वेतन भोगी , आउटसोर्स को नियमित किया जाकर जाए। 
 7 - प्रदेश के अधिकारियों कर्मचारियों सहित पेंशनरों निगम मंडल इत्यादि में कार्यरत अधिकारियों कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ मंत्री परिषद के आदेश दिनांक 4 अप्रैल 2020 के संदर्भ में किया जावे अथवा सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आयुष्मान भारत योजना की परिधि में लाया जावे।
8- राजस्व विभाग में तहसीलदारों का ग्रेड पे 5400, नायब तहसीलदारों का ग्रेड पे 4800, राजस्व निरीक्षकों का ग्रेड पे 3600 तथा पटवारियो का ग्रेड पे 2800 किया जावे ।
9 - वन विभाग, राजस्व विभाग अथवा अन्य किसी विभाग के शासकीय सेवकों की बिना जांच के अपराधिक प्रकरणों के तहत गिरफ्तारी नहीं की जावे |
10 - वाहन चालक का पदनाम परिवर्तित कर पायलेट/व्हीकल ऑपरेटर किया जाए |
11 -भृत्य का पदनाम परिवर्तित किया जाकर कार्यालय सहायक किया जावे |
12 -प्रदेश के सभी विभागों में अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों का तत्काल निराकरण किया जाए एवं नियमो शिक्षा विभाग में अनुकम्पा नियुक्ति हेतु डी.एड. पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता समाप्त की जाए। 
13- अतिथि शिक्षक एवं अतिथि विद्वानों को नियमित किया जावे एवं आउट सोर्स कर्मचारियों को भी नियमित किया जावे।
      धरना आंदोलन में जिलाध्यक्ष गजराज दातला, पटवारी संघ के उप प्रांताध्यक्ष अखिलेश मुलेवा, अशोक चौहान, कमलेश जैन, 
 महेंद्र कछावा, शंकर सिंह चौहान, लीला त्रिवेदी, अनीता बघेल, रजनी परमार, कुसुम कनेश, अनिता बिलवाल, पार्वती हीहोर, मकन सिंह पालीवाल, संदीप डामोर, शंकर सिंह पालीवाल, प्रदीप रामावत, प्रकाश सिंगाड़िया, प्रकाश परमार, भूरसिंह चौहान, गजेंद्र पंवार, रतनसिंह भाबर, ठाकुर डोडियार, संदीप अजनार, डेविड ओहरी, श्याम मोरी, जोखा परमार, शंकर बुच, लोकेंद्र कनेश, कसना सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित हुएl

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