"पेंशनरों" ने मांगों को लेकर दिया धरना , जिले भर से आयोजन में भाग लेने पहुचे पेंशनर

JHABUA ABHITAK

अमित शर्मा 
झाबुआ। जिला पेंषनर एसोसिएषन झाबुआ द्वारा षनिवार को आम्बेडकर प्रतिमा पर करीब 3 घंटे तक प्रभावी धरना देकर मध्यप्रदेष सरकार द्वारा सांतवें वेतनमान में पंेषनरों के साथ किये जारहे भेदभाव व अन्याय को लेकर प्रभावी विरोध दर्ज कराया गया । जिले भर से पेटलावद, थांदला, रामा, रानापुर, मेघनगर, कल्याणपुरा, पारा, झाबुआ के करीब 110 से अधिक पेंषनरों ने आयोजित धरना प्रदर्षन मे भाग लिया । इस अवसर पर  बडी संख्या में महिला पेंषनरों ने भी भागीदारी की । धरनास्थल पर आयोजित सभा में संबोधित करते हुए जिला पेंषनर एसोसिएषन के जिला अध्यक्ष रतनसंह राठौर ने  प्रदेष सरकार द्वारा सातवें वेतनमान में प्रदेष के कर्मचारियों के वेतन की तुलना में पेंषनरों की पेंषनरों की पेंषन निर्धारण में किये जाने वाले भे दभाव एवं अन्याय को लेकर विस्तार से जानकारी दी ।  पेटलावद के पेंषनर संघ के एमसी काग ने संविधान में पेंषनरों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने का जिक्र करते हुए कहा कि पेंषन निर्धारण में भेदभाव कतई बर्दास्त नही किया जावेगा । उन्होने कहा कि कर्मचारियों की तुलना में पेंषनरों को कम लाभ दिया जाना प्राकृर्तिक न्याय सिद्धांत के अनुकुल नही है । थांदला के बीएल गोड ने अपने उदबोधन मंे प्रदेष सरकार द्वारा 2.57 के स्थान पर 2.42 के मान से लाभ दिये जाने से छोटे पेंषनरों को काफी आर्थिक नुकसान उठाना पडेगा । उन्होने 1999 के बाद के षिक्षकों को ग्रेड दिये जाने की मांग भी उठाई । मेघनगर के गोपाल षर्मा ने अपने उदबोधन में कहा क जो केन्द्र सरकार अपने पेंषनरों को दे रही है वही देना प्रदेष सरकार की बाध्यता है  और पेंषनरों को 2.57 के मान से ही पेंषन निर्धारित होना चाहिये । रानापुर के मांगीलाल दुर्गेष्वर ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए सरकार से अपने पेंषनरों के हितों पर कुठाराघात नही करने तथा किये गये वादे के अनुसार सातवें वेतनान में इसी फार्मूलें के मान से पेंषन निर्धारण की बात कहीं ।

इस अवसर पर, डा. लोकेन्द्रसिंह राठौर, श्रीमती कुंता सोनी, रूकमणी वर्मा, पुष्पा कोठारी ने भी पेंषनरों के हितों के सरंक्षण की बात कहते हुए सरकार से मांग की कि वह बरसों तक सरकार की सेवा कर चुके पेंषनरों के साथ अन्याय नही करें । कार्यक्रम का संचालन पीडी रायपुरिया ने किया। अंबेडकर पार्क से नेषनल हाई वे पर विषाल रैली के रूप में नारे बाजी करते हुए पेंषनर कलेक्टर कार्यालय पंहूंचे और एडिषनल कलेक्टर दिलीप कापसे को प्रदेष के मुख्यमंत्री एवं वित मंत्री के नाम ज्ञापन सौपा। ज्ञापन का वाचन डा. केके त्रिवेदी ने किया। प्रस्तुत ज्ञापन में सरकार से मांग की गई कि  सातवे वेतनमान में प्रदेष के कर्मचारियों के वेतन को संषोधित करनमें में 2.57 के सूत्र को लागू किया जारहा है लेकिन पेंषनरों की पेंषन को  संषोधित करने में 2.42 के सूत्र को लागू किया जारहा है । सरकार की यह नीति वास्तव में भेदभावपूर्ण होकर  पेंषनरों के साथ बहुत बडा आर्थिक अन्याय होगा । पूर्व में भी 32 माह का एरीयर नही मिलने से पेंषनर घोर निराषा में है । ज्ञापन द्वारा सरकार से मांग की गई है कि वित विभाग द्वारा अपनाई जारही भेदभाव पूर्णनीति को त्याग कर कर्मचारी एवं पेंषनर के लिये एक समान 2.57 का सूत्र लागू किया जावे । धरना प्रदर्षन में समीउद्दीन सैयद, एके भानपुरिया, राजेन्द्रसोनी, षंकरसिंह चंद्रावत, रमाकांत भट्ट,हुकमीचंद जैन, बीएल साकी, एमसीगुप्ता, बालमुकुंदसिंह चैहान,एमएल कोली, श्रीाथसिंह चैहान, लोकेन्द्र आचार्य,जीवराजषर्मा, सोमसिंह सोलंकी, अषोक कुमार चैहान, बाबुलाल अग्रवाल,अब्दूल कयूम अली, रोषनी डोडियार सहित जिले भर के पेंषनरों ने भाग लिया । ज्ञापन के बाद आभार प्रदर्षन रूकमणी वर्मा ने किया।

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