अमित शर्मा
झाबुआ -शरद पूर्णिमा पर राजगढ नाके पर अनुपम सौंदर्य के वातावरण मे रात्री 2 बजे तक पूरे नगर के हजारों लोगों के साथ ही गा्रमीण अंचलों से आये लोगों ने राजगढ नाका मित्र मंडल द्वारा आयोजित शरण पूर्णिमा रासोत्सव में चटक चांदनी में गरबों का आनंद लिया । शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित इस अभिनव आयोजन का मुख्य आकर्षण लोक गीतों के शंहषाह विक्रम चैहान एवं उनकी आर्केस्ट्रा पार्टी रही। राजगढ नाका मित्र मंडल के निर्मल जैन आस्था ने जानकारी देते हुए बताया कि रात्री 9 बजे से ही राजगढ नाका गरबा मैदान पर गरबा प्रेमियों एवं दर्षकों का जमावडा होने लगा । देखते ही देखते हजारों की संख्या में लोगों की भीड जुट गई। विक्रम चैहान ,उनके सह कलाकारों एवं संगीत पार्टी ने जब स्वर लहरियों के साथ गरबों की प्रस्तुति देना षुरू किया तो संगीत के माहौल में माताजी के गरबों का आनंद लेने वाले युवाओं, युवतियों, एवं गरबा प्रेमियों ने करतल ध्वति से माहौल को गरबामय कर दिया।
गरबा प्रारंभ होते ही करीब 1000 से अधिक युवक,युवतिया, महिलायें गरबा खेलने के लिये सहभागी हुए और संगीत की हर स्वरलहरियों पर हजारों पावं एक लय में थिरकते देख कर पूरा माहौल आनन्दित करने वाला बन गया । तू तो काली ने कल्याणी रे मां ...... पंखिडा से उडी ने जाजे......... मा पावा ते गढ ती उतरिया रे .... जैसे कर्णप्रिय गरबों से रात्री 12 बजे तक पूरा वातावरण नवरात्री की तर्ज पर गरबामय दिखाई दिया । रात्री 12 बजे शरदपूर्णिमा के अवसर पर महा मंगल आरती की गई जिसमें हजारो लोगों ने दीप हाथ में रख कर आरती में सहभागिता की ।


