अमित शर्मा
झाबुआ। यदि आप अपने अनमोल स्वास्थ्य को बिना कुछ खर्च किए, सरल और सहज तरीके से आजीवन स्वस्थ्य रखने के तरीके सीखना चाहते है, तो इसके लिए आसरा पारमार्थिक ट्रस्ट झाबुआ द्वारा 20 अक्टूबर को षाम साढ़े 7 बजे से ‘एक षाम अपने अनमोल स्वास्थ्य के नाम’ कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें ताली बजाकर अपने स्वास्थ्य को किस तरह चुस्त एवं दुरस्त रखा जाए, इसके गुर आयुश्मान भव न्यास उज्जैन के संस्थापक अरूण ऋशि द्वारा सीखाएं जाएंगे। यह जानकारी देते हुए ट्रस्ट के संस्थापक अध्यक्ष राजेष नागर ने बताया कि आज के निरंतर बदलते समय एवं फास्ट लाईफ में मनुश्य अपने स्वास्थ्य पर बिल्कुल ध्यान नहीं दे पाता है, इसलिए एक बिल्कुल साधारण तरीके ताली बजाकर किस तरह अपने स्वास्थ्य को ठीक रखा जाए, इस पर ट्रस्ट द्वारा यह अनूठा कार्यक्रम रखा जा रहा है। जिसमें विषेश रूप से आयुश्मान भव न्यास उज्जैन के संस्थापक अरूण ़ऋशि पधार रहे है। उनका मूल मंत्र है ‘एक दवा निराली 15 सेकेंड की ताली’। उनके द्वारा ताली बजाकर स्वस्थ्य रहने के तौर-तरीके सिखाएं जाएंगे। ट्रस्ट के संस्थापक सचिव नीरजसिंह राठौर ने बताया कि अरूण ऋशि पेषे से एक उद्योगपति है। उन्होंने 19 वर्शों पूर्व व्यवसाय से सेवानिवृत्त होकर न्यास ट्रस्ट की स्थापना की। इस ट्रस्ट के माध्यम से वे मानव मात्र को बेहतर जीवन जीने की कला सीखाते है। अब तक ऋशिजी ने 2 हजार से अधिक षिविरों का आयोजन कर 22 लाख किमी की यात्रा की है। श्री ऋशि विष्व के पहले उद्योगपति गृहस्थ है, जिन्होंने पिछले 36 वर्शों सें टूथब्रष, टूथपेस्ट, सेविंग क्रीम, साबुन, षंेपु, सौंदर्य प्रसाधन, कृत्रिम षीतल पेय, चाॅकलेट, पान-गुटखा, धूम्रपान, मदिरा आदि का सेवन नहीं किया है। जिसके लिए उनका नाम गिनीज बुक आॅफ वल्र्ड रेकार्ड के लिए भी प्रस्तावित है। षुक्रवार को दोपहर साढ़े 11 बजे कार्यक्रम की प्रचार सामग्री (पोस्टर्स) का विमोचन स्थानीय पैलेस गार्डन पर सेवानिवृत्त प्राचार्य डाॅ. केके त्रिवेदी, आसरा पारमार्थिक ट्रस्ट के मेनेजिंग ट्रस्टी यषवंत भंडारी, संस्थापक अध्यक्ष राजेष नागर, संस्थापक सचिव नीरजसिंह राठौर, सेवा प्रकल्प अध्यक्ष अजय रामावत, सचिव रविराजसिंह राठौर, वरिश्ठ ट्रस्टी जयंतीलाल राठौर, विरेन्द्रसिंह ठाकुर, सुधीर कुषवाह, जयेन्द्र बैरागी, राजेन्द्र सोनी, एचसी टेलर, पं. द्विजेन्द्र व्यास, घनष्याम भाटी, दयाराम मुवेल, पं. विश्णु व्यास आदि द्वारा किया गया। इस दौरान भारत माता एवं वंदे मातरम् के जयकारे भी लगाए गए।


